आज का प्रोत्साहन ~ 25-01-2022

पृथ्वी और जो कुछ उस में है यहोवा ही का है; जगत और उस में निवास करने वाले भी। – भजन संहिता 24:1

आज के लिए बाइबिल से जुडी अद्भुत जानकारी

क्या आप जानते हैं बाइबिल के ठीक मध्य में कौन सा पद है?

भजन संहिता 118 संपूर्ण बाइबल का मध्य अध्याय है।

भजन संहिता 118 से पहले भजन 117 – बाइबल का सबसे छोटा अध्याय है। इस में केवल २ पद हैं।

भजन संहिता 118 के बाद भजन संहिता 119 है – जो बाइबल का सबसे लंबा अध्याय है। इस में केवल 176 पद हैं।

बाइबिल में भजन संहिता 118 से पहले 594 अध्याय हैं और उसके बाद 594 अध्याय हैं।

यदि आप 595 और 594 अध्यायों को जोड़ते हैं, तो कुल योग 1188 अध्याय बाइबिल में है। भजन संहिता 118:8 (अर्थात् 1188) संपूर्ण बाइबल का मध्य पद है।

और बाइबल का यह केंद्रीय पद क्या है? आइये एक साथ पढ़ते हैं।

“यहोवा की शरण लेनी, मनुष्य पर भरोसा रखने से उत्तम है।”

भजन 118:8

“यहोवा की शरण लेनी,

मनुष्य पर भरोसा रखने से उत्तम है।”

भजन 118:8

http://www.yeshu.one


आज के वचन पर आधारित एक गीत


उठ और प्रकाशमान हो – वचन पर आधारित “आज के लिए प्रोत्साहन के शब्द ”

जो मनुष्य की दृष्टि में अत्यधिक अपर्याप्त लगता था, 
वह परमेश्वर के हाथों में पर्याप्त से अधिक हो जाता है।

http://www.yeshu.one

जो मनुष्य की दृष्टि में अत्यधिक अपर्याप्त लगता था, वह परमेश्वर के हाथों में पर्याप्त से अधिक हो जाता है।


यीशु के पीछे, मैं चलने लगा। ना लौटूँगा। ना लौटूँगाआज के लिए एक आशीषित कथन

“जब जीवन के कई साल दिए जाते हैं,
तो उम्र में बूढ़ा होना स्वाभाविक है,
लेकिन अनुग्रह के साथ बूढ़ा होना एक फैसला है।”
– बिली ग्रैहम

http://www.yeshu.one

आपको ये दैनिक प्रकाशन कैसा लग रहा है? Comments में ज़रूर बताएँ।

Published by Yeshu.One

Yeshu.One की कोशिश है परमेश्वर के वचन को जीवन का हिस्सा बनाना।

Leave a comment