आज का प्रोत्साहन ~ 29-01-2022

हर दिन की शुरुआत परमेश्वर के प्रोत्साहन के साथ

आज की सुबह, ये न सोचें की आज का दिन कैसा होगा? कल क्या होगा? आने वाले वर्षों में क्या होगा?

जान लें की जिसने आपको बनाया है, उस परमेश्वर का आपसे ये वायदा है की वो न तो आपको कभी छोड़ेगा और न ही कभी त्यागेगा।

बचपन से कर बुढ़ापे तक, आपका जीवित परमेश्वर, आपका सिरजनहार, आपको अपने दाहिने हाथ में लिए संभाले रहेगा।

आज के लिए बाइबिल से जुडी अद्भुत जानकारी

क्या आप जानते है की विश्व की सबसे ज्यादा बिकने वाली पुस्तक कौन सी है?

मसीही अपनी बाइबिल हर जगह अपने साथ ले जाते हैं… लेकिन कभी-कभी वे ऐसा नहीं भी करते हैं। और कभी-कभी बुकशेल्फ़ पर धूल जमा करने वाली एक किताब बन जाती है, हमारी बाइबल। फिर भी परमेश्वर की आत्मा में हो कर के लिखी गयी ये जीवन देनी वाली पुस्तक, विश्व की सबसे ज्यादा बिकने वाली या मुद्रित (printed) पुस्तक है।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के अनुसार –
अब तक की सबसे अधिक बिकने वाली पुस्तक मसीही बाइबिल है। इसकी कि कुल संख्या शायद 5 से 7 अरब प्रतियों के बीच है।

कुछ आंकड़ें

पूरी बाइबल अब 717 विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे 5.75 अरब लोगों को उस भाषा में संपूर्ण शास्त्र तक पहुँच मिलती है, जिसे वे सबसे अच्छी तरह समझते हैं।

नया नियम अन्य 1,582 भाषाओं में उपलब्ध है, जो अन्य 830 मिलियन लोगों तक पहुँचता है।

457 मिलियन लोगों द्वारा बोली जाने वाली अन्य 1,196 अन्य भाषाओं में बाइबिल के कुछ हिस्से और कहानियां उपलब्ध हैं।

पूरी बाइबल – 717 विभिन्न भाषाएं

नया नियम – अन्य 1,582 भाषाएं

बाइबिल के कुछ हिस्से अन्य 1,196 भाषाएं

यह जीवन देने वाली, जीवन बदलने वाली और परमेश्वर की आत्मा से प्रेरित पुस्तक, जो कि आपकी बाइबिल है – इसे 1,795 विभिन भाषाओँ में से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

हिंदी भाषा में अपनी बाइबिल को पढ़ने के लिए – यहाँ क्लिक करें।

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आज के वचन पर आधारित एक गीत


उठ और प्रकाशमान हो – वचन पर आधारित “आज के लिए प्रोत्साहन के शब्द ”

शांति – परेशानी का अभाव नहीं है।

बल्कि ईश्वर की उपस्थिति है।

आइये – शांति की तलाश में लोगों और चीजों की और न जाएं। मगर परमेश्वर की तलाश करें। तब आप वो शांति जो समझ से बिलकुल परे है, पाएंगे। हम जानते हैं की येशु मसीह शांति का राजकुमार है।


यीशु के पीछे, मैं चलने लगा। ना लौटूँगा। ना लौटूँगाआज के लिए एक आशीषित कथन

मैं अक्सर एक बार में आधे घंटे से ज्यादा प्रार्थना में नहीं बिताता,
लेकिन मैं कभी भी आधे घंटे से ज्यादा बिना प्रार्थना के नहीं रहता।

– स्मिथ विगल्सवर्थ

दिन की शुरआत प्राथना के साथ करें। दिन का अंत प्राथना के साथ करें। जो कुछ करें, परमेश्वर में हो कर करें। जान ले की हम खुद में तो कुछ भी नहीं है। मगर परमेश्वर में सब कुछ संभव है। सब कुछ।


आपको ये दैनिक प्रकाशन कैसा लग रहा है? Comments में ज़रूर बताएँ।

Published by Yeshu.One

Yeshu.One की कोशिश है परमेश्वर के वचन को जीवन का हिस्सा बनाना।

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